हिमाचल प्रदेश में इस बार अक्टूबर का महीना ही दिसंबर का अहसास करा रहा है। पहले सप्ताह में ही उच्च पर्वतीय क्षेत्रों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है, जिससे मैदानी इलाकों तक शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। पहाड़ों पर Himachal Pradesh snowfall ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है, कई इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
अक्टूबर में ही ‘दिसंबर जैसी ठंड’: बर्फीले इलाकों का हाल
राज्य के Lahaul Spiti, Chamba, किन्नौर के ऊंचे इलाकों और शिमला जिले के चांशल पीक पर सीजन की पहली जोरदार बर्फबारी हुई है। चंबा जिले में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। पांगी उपमंडल सहित भरमौर और चुराह की ऊपरी चोटियों में भी जमकर बर्फबारी हुई है। इस early winter की दस्तक ने cold wave को बढ़ा दिया है, और अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही दिसंबर जैसी कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान, कई स्टेशनों के अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जो सामान्य से 6-14 डिग्री सेल्सियस कम रहा है।
लाहौल में जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कें ठप
अक्टूबर के पहले सप्ताह में हुई बर्फबारी ने कुल्लू और लाहौल का जनजीवन लगभग थाम दिया है। चोटियों के साथ-साथ लाहौल के ग्रामीण इलाके भी बर्फ से सफेद हो गए हैं। योचे गांव सहित कई रिहायशी इलाकों में एक फीट तक बर्फ दर्ज की गई है। मंगलवार को भी बर्फबारी का दौर जारी रहा, जिससे घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में है। बर्फबारी के कारण दारचा-लेह मार्ग बंद हो गया है, जिस पर करीब 200 ट्रक फंसे हुए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान पच्छाद में 59.0, जटोन बैराज में 58.0, कुकुमसेरी में 56.7, कोठी में 54.2, कंडाघाट में 43.6, कसौली में 42.8, नाहन में 41.6, जोत में 38.0, पांवटा साहिब में 37.4 और सराहन में 35.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, गोंधला में 26.5, केलांग में 20.0 और कुकुमसेरी में 5.6 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है।
मौसम का मिजाज: बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य के कुछ स्थानों में 9 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 10 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। आज के लिए कई भागों में भारी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है, जबकि अन्य जिलों में अंधड़ चलने की भी संभावना है। 8 और 9 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है।
पारे में भारी गिरावट: कई जगहों पर माइनस तापमान
इस बर्फबारी और cold wave के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है। शिमला में न्यूनतम तापमान 8.8, सुंदरनगर में 13.1, भुंतर में 10.0, कल्पा में 3.0, धर्मशाला में 14.8, ऊना में 13.5, नाहन में 15.1, केलांग में -0.5, पालमपुर में 11.5, सोलन में 12.6, मनाली में 6.1, कांगड़ा में 15.2, मंडी में 13.9, बिलासपुर में 16.1, हमीरपुर में 13.7, डलहौजी में 6.0, कुफरी में 6.7, कुकुमसेरी में -0.3, नारकंडा में 4.9, रिकांगपिओ में 6.3, सेऊबाग में 8.2, सराहन में 13.1, ताबो में 1.6 और बजौरा में 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। केलांग और कुकुमसेरी का पारा माइनस में पहुंचने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
भूस्खलन से सड़क बंद: होली क्षेत्र में आवागमन प्रभावित
भारी बारिश और बर्फबारी के कारण भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। खड़ामुख-होली सड़क पर शिवनगरी सत्संग भवन के पास 20 मीटर का हिस्सा जमींदोज हो गया। मंगलवार सुबह हुए इस भूस्खलन से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे खड़ामुख से होली और होली से खड़ामुख के लिए वाहनों की आवाजाही थम गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अब नए सिरे से सड़क का डंगा नहीं लगने तक इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद रहेगा।



