08 अक्टूबर 2025: करवाचौथ से ठीक पहले, देश में Gold और Silver की कीमतों ने नया ऐतिहासिक उच्च स्तर छू लिया है। जिसने भी इन धातुओं के नए भाव सुने, उसके होश उड़ गए हैं। बुधवार की शाम को, चांदी ने प्रति किलो डेढ़ लाख रुपये का आंकड़ा पार कर दिया, जबकि सोने के भाव भी आसमान छूते नज़र आए। यह उछाल ऐसे समय में आया है जब देश में त्योहारी सीज़न अपने चरम पर है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
रिकॉर्ड तोड़ उछाल: सोना-चांदी के नए दाम
मंगलवार से बुधवार तक महज 24 घंटों में ही सोने और चांदी के भावों में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिली है। मंगलवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,19,980 रुपये था, जो बुधवार को बढ़कर 1,22,089 रुपये तक पहुंच गया। यानी, सिर्फ एक दिन में Gold price में 2109 रुपये का इजाफा हुआ। इसी तरह, मंगलवार के मुकाबले बुधवार को Silver rate में 3262 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
चांदी ने पार किया डेढ़ लाख का आंकड़ा
यह विश्वास करना मुश्किल है, लेकिन यह 100% सच है: चांदी (Silver) की कीमत प्रति किलो डेढ़ लाख रुपये को पार कर चुकी है। बुधवार को चांदी की कीमत बढ़कर प्रति किलो 1,52,700 रुपये तक पहुंच गई। जबकि मंगलवार को एक किलो चांदी 149438 रुपये थी। कुछ समय पहले तक, लोग Gold के महंगा होने पर चांदी को एक विकल्प मान रहे थे, लेकिन अब ऐसा लगता है कि इन दोनों `Precious metals` के बीच ही होड़ लग गई है कि कौन कितनी तेज़ी से भाग सकता है।
त्योहारी सीज़न पर महंगाई का असर
10 अक्टूबर को Karwa Chauth है और हर साल इस त्योहार से पहले महिलाएं बड़े पैमाने पर सोना-चांदी खरीदती हैं। लेकिन इस बार Gold price इतना महंगा हो चुका है कि भाव सुनकर ही लोग माथा पकड़ ले रहे हैं। हर दिन कीमतों में यह उछाल आभूषण खरीदने वालों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। त्योहार हो या शादी, बिना ज्वेलरी के अब सब कुछ फीका लगने लगा है।
यदि आप करवाचौथ पर गुरुवार को सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने जाएंगे तो GST सहित 10 ग्राम सोने की ज्वेलरी आपको ₹1,25,452 से ज़्यादा में मिलेगी। जबकि GST सहित चांदी की कीमत ₹1,55,306 प्रति किलो हो गई है। अक्टूबर महीने में अब तक सोना 6000 रुपये महंगा हो चुका है, जबकि चांदी की कीमत प्रति किलो करीब 8000 रुपये बढ़ चुकी है।
कीमतों में तेज़ी के पीछे के कारण: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य
इस साल (2025 में) अब तक Gold लगभग ₹46,059 महंगा हो चुका है और Silver rate में भी ₹64,766 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तेज़ी के पीछे कई बड़े कारण हैं। सुरक्षित निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति, मुद्रास्फीति से बचाव की चाहत, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और इलेक्ट्रॉनिक्स व सौर पैनल उद्योगों में चांदी की बढ़ती मांग ने `Commodity market` में इन धातुओं की कीमतों को ऊपर धकेला है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक एक बार फिर सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, त्योहारी सीज़न के दौरान घरेलू मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी भी `Gold price` और `Silver rate` को सहारा दे रही है, जिससे `Gold Silver rate today` लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।



