पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ, इस जघन्य `West Bengal crime` में संलिप्त सभी पांचों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। यह घटना `दुर्गापुर गैंगरेप` मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के पुलिस उपायुक्त (DCP) अभिषेक गुप्ता ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है।
क्या था मामला?
ओडिशा के बालासोर ज़िले के जलेश्वर की रहने वाली 23 वर्षीय `medical student` के साथ शुक्रवार रात उस समय सामूहिक बलात्कार किया गया था, जब वह अपने एक दोस्त के साथ एक निजी मेडिकल कॉलेज के बाहर खाना खाने गई थी। घटना के बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और अब शेष दो को भी पकड़ लिया गया है।
मुख्यमंत्री के बयान पर सियासी बवाल
इस दुखद घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री `Mamata Banerjee` ने त्वरित और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस घटना को चौंकाने वाला बताया और कहा कि उनकी सरकार ऐसे अपराधों के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने महिलाओं से देर रात अकेले बाहर न निकलने का भी आग्रह किया, जिस पर विपक्षी दलों और विभिन्न महिला अधिकार समूहों ने तीखी आलोचना की है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कम से कम एक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का कार्यकर्ता है। इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी प्रवक्ता देबांशु भट्टाचार्य ने कहा कि भले ही आरोपी पार्टी कार्यकर्ता हो, यह सराहनीय है कि टीएमसी अपराधों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस रखती है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर यह घटना भाजपा शासित राज्य में होती, तो आरोपी को माला पहनाई जाती।
ओडिशा से तीखी प्रतिक्रिया और महिला आयोग का दौरा
इस घटना पर पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी तीखी `Odisha reaction` आई है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम बंगाल के अपने समकक्ष से दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
ओडिशा राज्य महिला आयोग (OSCW) की अध्यक्ष सोवाना मोहंती भी पश्चिम बंगाल पहुंचीं और उन्होंने पीड़िता से मुलाकात कर उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही, उन्होंने पीड़िता के माता-पिता से भी बातचीत की और स्थानीय पुलिस के साथ मामले की जांच पर चर्चा की।
दुर्गापुर गैंगरेप मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब सभी की निगाहें आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और ऐसे जघन्य अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।



