दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली ग्रामोदय अभियान (Delhi Gramodaya Abhiyan) के अंतर्गत 50 गांवों में 81 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। पूठ खुर्द में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इन परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जो दिल्ली के देहात में विकास की नई इबारत लिखने को तैयार हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गांवों में बुनियादी ढांचा (Infrastructure Projects) मजबूत करना और जीवन स्तर में सुधार लाना है।
50 गांवों में 81 विकास परियोजनाओं का जाल
ये 81 परियोजनाएं दिल्ली के पांच ज़ोन – द्वारका (16), पूर्वी ज़ोन (10), नरेला (13), उत्तरी ज़ोन (20) और रोहिणी ज़ोन (22) में फैली हुई हैं। इन विकास कार्यों में सड़कों का निर्माण व मरम्मत, सामुदायिक भवनों का नवीनीकरण, स्कूलों में सुधार और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है। उत्तरी दिल्ली के पूठ खुर्द, भलस्वा, होलंबी खुर्द, तिग्गीपुर, घोगा, सन्नोठ, बांकनेर, होलंबी कलां, नरेला और मोहम्मदपुर माजरी जैसे गांवों में सार्वजनिक भवनों, चौपालों और बहुउद्देशीय सामुदायिक केंद्रों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ओल्ड सीमापुरी और कराला में ओपन जिम पार्क के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों में भी सुधार किया जाएगा। इन सभी कार्यों का वित्तपोषण Delhi Development Authority (DDA) द्वारा किया जाएगा, जो Delhi Gramodaya Abhiyan की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
नेतृत्व का दृष्टिकोण: विकास और सहयोग
इस अवसर पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली अब प्रधानमंत्री के सपनों के अनुरूप तेज़ी से विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि दिल्ली सरकार अब इस मुहिम में उनके साथ खड़ी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में Delhi Development और अधिक गति से होगा। उपराज्यपाल ने दृढ़ता से कहा कि गांव के विकास के बिना दिल्ली का समग्र विकास संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ़ राजनीति पर केंद्रित रहीं और सड़कों, सामुदायिक भवनों या स्कूलों जैसी गांव की बुनियादी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ करती रहीं। उन्होंने जोर दिया कि दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों की जब किसी को चिंता नहीं थी, तब उपराज्यपाल ने लोगों की जरूरतों को सुनने के लिए व्यक्तिगत रूप से गांवों का दौरा किया और यह सुनिश्चित किया कि ये परियोजनाएं DDA के माध्यम से पूरी हों। मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से Master Plan 2041 को जल्द से जल्द लागू करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह नया मास्टर प्लान ऐसा होना चाहिए जो न केवल मौजूदा विकास संबंधी समस्याओं का समाधान करे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अगले 100 वर्षों तक लाभान्वित भी करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर देश का विकास करना है, तो सिर्फ़ शहर और लुटियंस ज़ोन का विकास ही काफी नहीं होगा, बल्कि गांवों का Rural Development भी ज़रूरी है।
वित्तीय परिव्यय और भविष्य की योजनाएं
दिल्ली ग्रामोदय अभियान (DGA) के तहत अब तक कुल 760 करोड़ रुपये की लागत से 854 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनमें DDA द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली 156 परियोजनाएं शामिल हैं। यह आंकड़ा दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हो रहे विकास प्रयासों को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मत्री रविंद्र इंद्राज सिंह, सांसद योगेंद्र चंदोलिया, दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार चौहान, दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र और DDA के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: ग्रामीण दिल्ली के लिए उज्ज्वल भविष्य
यह अभियान दिल्ली के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने और शहरी-ग्रामीण खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 81 विकास परियोजनाओं का यह शुभारंभ न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी एक मजबूत नींव रखेगा, जिससे दिल्ली का हर कोना विकास की रोशनी से जगमगा सके।



