फिल्म निर्माण के शौकीनों और प्रोडक्शन हाउसेस के लिए एक बड़ी खबर! देश की राजधानी दिल्ली अब सिर्फ राजनीति का केंद्र नहीं, बल्कि सिनेमा का भी एक प्रमुख गढ़ बनने को तैयार है। दिल्ली सरकार ने हाल ही में ऐसी नीतियां और रियायतें लागू की हैं, जो `Film Shooting in Delhi` को न केवल सस्ता बल्कि और भी आकर्षक बना देंगी। अब मुंबई और हैदराबाद को कड़ी टक्कर मिलने वाली है, क्योंकि दिल्ली अपनी नई `Delhi Film Policy` के साथ तैयार है।
शूटिंग हुई सस्ती: जानें नए शुल्क और नियम
दिल्ली में फिल्म शूटिंग की लागत को कम करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दिल्ली नगर निगम (MCD) के स्थलों पर फिल्मांकन शुल्क अब 75,000 रुपये प्रतिदिन से घटाकर मात्र 25,000 रुपये (24 घंटे के लिए) कर दिया गया है, जबकि आठ घंटे के लिए यह शुल्क 15,000 रुपये है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपना मूल शुल्क 10,000 रुपये तय किया है। वहीं, दिल्ली हाट (INA) और गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज जैसे लोकप्रिय स्थानों को अब 80,000 रुपये प्रतिदिन और जीएसटी के साथ किराए पर लिया जा सकता है। दिल्ली मेट्रो में शूटिंग अभी भी सबसे महंगे विकल्पों में से एक है, जिसकी लागत लाइन, स्टेशन और समय के आधार पर 2 लाख से 3 लाख रुपये तक हो सकती है। इन कटौतियों से फिल्म निर्माण के लिए राह और आसान होगी।
दिल्ली फिल्म फंड: ₹3 करोड़ तक की सब्सिडी का लाभ
दिल्ली सरकार ने फिल्म उद्योग को एक बड़ा वित्तीय प्रोत्साहन देने के लिए 30 करोड़ रुपये के वार्षिक दिल्ली फिल्म फंड की स्थापना की है। इस फंड के तहत, दिल्ली में शूट होने वाली फिल्मों को प्रति फिल्म 3 करोड़ रुपये तक की `Delhi Film Subsidy` मिल सकती है। इस योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 209 आवेदन जमा किए गए हैं, जिनमें से 97 को मंजूरी मिल चुकी है। खास बात यह है कि विवेक अग्निहोत्री की प्रशंसित फिल्म ’12वीं फेल’ को सब्सिडी के लिए मंजूरी मिल चुकी है और रानी मुखर्जी अभिनीत ‘मर्दानी 3’ भी इस दौड़ में शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, विज्ञापन फिल्में और टीवी विज्ञापन इस सब्सिडी के पात्र नहीं हैं।
नए शूटिंग स्थल और ‘दिल्ली फिल्म कार्ड’
दिल्ली अब सिर्फ कनॉट प्लेस और चांदनी चौक जैसे पारंपरिक स्थानों तक ही सीमित नहीं रहेगी। सरकार भारत मंडपम, बांसेरा पार्क, असिता बायो-डायवर्सिटी पार्क और महरौली पुरातत्व पार्क के कुछ हिस्सों को भी सिनेमाई स्थल के रूप में बढ़ावा देने पर विचार कर रही है। ये नए `Filming Locations India` में फिल्म निर्माताओं को और भी अधिक विविधता प्रदान करेंगे। इसके अलावा, `Delhi Film Policy 2022` के तहत 1 लाख रुपये का वार्षिक ‘दिल्ली फिल्म कार्ड’ भी पेश किया जा रहा है, जो प्रोडक्शन हाउसेस को होटल, यात्रा और लॉजिस्टिक्स पर छूट प्रदान करेगा।
भविष्य की योजनाएं: शिक्षा, प्रोत्साहन और समारोह
सरकार की योजनाएं यहीं खत्म नहीं होतीं। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की योजना बनाई जा रही है। साथ ही, एनिमेशन और VFX (विजुअल इफेक्ट्स) में स्टार्टअप्स को अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी। शहर में एक नया फिल्म स्कूल बनाने की भी योजना है। अंतर्राष्ट्रीय समारोहों को दिल्ली में आयोजित करने और प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (Delhi International Film Festival) और वार्षिक फिल्म उत्कृष्टता पुरस्कार (Annual Film Excellence Awards) भी आयोजित किए जाएंगे।
इन सभी पहलों के साथ, दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी को भारत के प्रमुख फिल्म निर्माण हब में से एक बनाना है। यह न केवल फिल्म उद्योग को बढ़ावा देगा बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। दिल्ली के सिनेप्रेमी और फिल्म निर्माता निश्चित रूप से इस नई पहल से उत्साहित होंगे!



