पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर Danish Kaneria अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें यह कहा जा रहा था कि वह भारत की नागरिकता लेना चाहते हैं। कनेरिया के हालिया दिनों में भारत के आंतरिक मामलों पर दिए गए सकारात्मक बयानों ने ऐसी चर्चाओं को जन्म दिया था, जिस पर अब उन्होंने खुद स्थिति स्पष्ट की है।
नागरिकता पर Danish Kaneria का स्पष्टीकरण
Danish Kaneria ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए अपने प्रशंसकों और आलोचकों दोनों को संबोधित किया। उन्होंने लिखा, ‘हाल ही में कई लोगों ने मुझसे पूछा कि मैं पाकिस्तान पर क्यों नहीं बोलता और भारत के आंतरिक मामलों पर क्यों टिप्पणी करता हूं। कुछ तो यह भी आरोप लगा रहे हैं कि मैं यह सब भारतीय नागरिकता पाने के लिए करता हूं। ऐसे में यह जरूरी था कि मैं सच सबके सामने रखूं। फिलहाल मेरा Indian Citizenship लेने का कोई इरादा नहीं है।’ यह बयान उन सभी अफवाहों पर विराम लगाता है, लेकिन उनके भारत प्रेम को दर्शाता है।
‘भारत मेरी Matrubhumi’: भावनाएं और पहचान
Danish Kaneria, जो टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर हैं (61 टेस्ट में 261 विकेट और 18 वनडे में 15 विकेट), पाकिस्तान के लिए खेलने वाले दूसरे हिंदू क्रिकेटर हैं। उनसे पहले उनके चचेरे भाई अनिल दलपत ने पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रतिनिधित्व किया था। कनेरिया ने अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और अधिकारियों से भेदभाव का सामना करने की बात भी याद दिलाई। इन सब के बावजूद, उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान उनकी जन्मभूमि है, लेकिन भारत उनके पूर्वजों की धरती होने के नाते उनकी Matrubhumi है।
CAA और अदनान सामी का जिक्र
Danish Kaneria ने भविष्य की संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में कभी उनकी तरह कोई व्यक्ति भारतीय नागरिकता लेना चाहे, तो उसके लिए पहले से ही नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) मौजूद है। यह अधिनियम पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के शिकार होकर आए अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) को Indian Citizenship प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है। हाल ही में सरकार ने 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए ऐसे लोगों के लिए पासपोर्ट और वीजा की अनिवार्यता में छूट दी थी। कनेरिया ने भारत को ‘मंदिर की तरह’ बताया और कहा कि वह हमेशा धर्म और सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने पाकिस्तानी मूल के गायक अदनान सामी का भी जिक्र किया, जिन्हें 2016 में भारतीय नागरिकता मिली थी और बाद में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
आरएसएस की सराहना और भविष्य के विकल्प
हाल ही में, Danish Kaneria ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 100वीं वर्षगांठ पर भी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने आरएसएस की सराहना करते हुए कहा था कि दुनिया को ऐसे और समर्पित संगठनों की आवश्यकता है। उन्होंने आरएसएस के कार्यों की प्रशंसा की, जिनमें समाज की मदद करना, जरूरतमंदों का साथ देना और युवाओं को सशक्त बनाना शामिल है। इन सभी बयानों से यह साफ है कि भले ही Danish Kaneria का अभी तुरंत Indian Citizenship लेने का कोई इरादा न हो, लेकिन भारत को अपनी Matrubhumi मानते हुए उन्होंने भविष्य के लिए अपने विकल्प खुले रखे हैं। Pakistan Cricket में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद, कनेरिया ने भारत के प्रति अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को खुलकर व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत ‘जय श्री राम’ कहकर किया, जो उनके विचारों को और स्पष्ट करता है।
