बिहार के विकास को एक नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की आधारभूत संरचना (Bihar infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को उन्होंने 6495.79 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जेपी गंगा पथ परियोजना के विस्तारीकरण का शिलान्यास किया। यह परियोजना सिर्फ एक सड़क का विस्तार नहीं, बल्कि राज्य के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक उन्नति का द्वार खोलेगी। इसी अवसर पर, सीएम नीतीश कुमार ने 2900 करोड़ रुपये की लागत से पांच अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी, जो बिहार में सड़क विकास (road development) की गति को तेज करेगी।
जेपी गंगा पथ का विस्तारीकरण: एक दूरदर्शी कदम
मुख्य परियोजना, दीघा-शेरपुर-बिहटा (कोईलवर पुल के पहुंच पथ तक) जेपी गंगा पथ (JP Ganga Path) का विस्तारीकरण, 35.65 किलोमीटर लंबा होगा। इस विस्तार से पटना-आरा-बक्सर राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच 922), पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और आरा-मोहनिया राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच 319) से सीधा और सहज संपर्क स्थापित हो जाएगा। दानापुर-छितनावां-मनेर पथ (पुराना राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-30) पर लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश और परियोजना के लाभ
दीघा में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से शहरवासियों को आवागमन में और अधिक सहूलियत होगी। जेपी गंगा पथ का विस्तार कोईलवर तक होने से बिहटा में विकसित हो रहे शिक्षा हब जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) पटना, डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (DMI) पटना, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) पटना, केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) पटना, ईएसआईसी हॉस्पिटल तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। साथ ही, बिहटा में निर्माणाधीन हवाई अड्डा और बिहटा व गिद्धा औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने में भी सुविधा होगी, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा। यह बेहतर कनेक्टिविटी (connectivity) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
अन्य 5 महत्वपूर्ण सड़कों का शिलान्यास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर विभिन्न जिलों की पांच अन्य महत्वपूर्ण पथ परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इनकी कुल लंबाई 225.475 किलोमीटर है और इन पर कुल दो हजार 900 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- 650 करोड़ 51 लाख की लागत से बांका, मुंगेर एवं भागलपुर जिले के अंतर्गत धोरैया-इंग्लिस मोड़ असरगंज पथ (58.47 किमी)
- 814 करोड़ 22 लाख से मुजफ्फरपुर जिला के अंतर्गत हथौड़ी-औराई पथ में एक उच्च स्तरीय पुल का पहुंच पथ (21.3 किमी)
- 373 करोड़ 56 लाख से भोजपुर जिला के आरा-एकौना-खैरा-सहार पथ (32.26 किमी)
- 701 करोड़ 26 लाख से छपरा एवं सीवान जिले के छपरा-मांझी-दरौली-गुठनी पथ (72.18 किमी)
- 361 करोड़ 32 लाख से नवादा, नालंदा एवं गयाजी जिले के अंतर्गत बनगंगा-जेठियन-गहलौत बिन्दस पथ (41.25 किमी)
वर्तमान जेपी गंगा पथ की स्थिति
वर्तमान में, दीदारगंज से दीघा तक जेपी गंगा पथ पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इसे दीदारगंज से विदुपुर सिक्स लेन गंगा पुल से भी जोड़ दिया गया है, जिससे फतुहा की ओर से आने वाले वाहनों को पटना में प्रवेश किए बिना सीधे दीघा तक पहुंचने की सुविधा मिल रही है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार का सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा, जिससे आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।



