केंद्र सरकार ने बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी दे दी है। साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड को चार लेन Greenfield Highway के रूप में विकसित करने की मंजूरी मिल गई है। हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर बनने वाले इस हाईवे पर 3822 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह 78.94 किलोमीटर लंबा होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पटना को बेतिया से जोड़ेगी, जिससे बिहार के कई जिलों में कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार आएगा।
बिहार में कनेक्टिविटी का नया आयाम
यह नया Bihar Highway वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों को मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके निर्माण के बाद, साहेबगंज से बेतिया तक की यात्रा का समय ढाई घंटे से घटकर मात्र एक घंटा रह जाएगा, जिससे लोगों को यात्रा में काफी सहूलियत मिलेगी। यह न केवल दैनिक यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति देगा।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना बिहार की पर्यटन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सात पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, छह सामाजिक नोड्स, आठ लॉजिस्टिक नोड्स और नौ प्रमुख पर्यटन व धार्मिक केंद्रों को जोड़ेगी। इससे केसरिया बुद्ध स्तूप (साहेबगंज), सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज), जैन मंदिर, विश्व शांति स्तूप (वैशाली) और पटना स्थित महावीर मंदिर जैसे धरोहर स्थलों तक पहुंच बेहद सुगम हो जाएगी। Bihar Tourism को इस Greenfield Highway से विशेष बढ़ावा मिलेगा, विशेषकर बौद्ध सर्किट और राज्य की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क्षमता को नई शक्ति मिलेगी।
आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर
यह Infrastructure Development परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। इसके निर्माण के दौरान करीब 30 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन होगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना उन वैकल्पिक मार्गों पर दबाव कम करेगी जो आज भीड़भाड़ और संरचनात्मक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़ाव
Sahebganj Bettiah Highway एनएच-31, एनएच-722, एनएच-727, एनएच-27 और एनएच-227 ए जैसे राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए एक महत्वपूर्ण लिंक के रूप में काम करेगा। यह अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़कर पूरे क्षेत्र में यातायात के प्रवाह को सुव्यवस्थित करेगा और समग्र परिवहन दक्षता में सुधार लाएगा।
यह परियोजना बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटन को बढ़ावा देने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद करेगी। केंद्र सरकार द्वारा दी गई यह सौगात निश्चित रूप से बिहार के भविष्य को उज्जवल बनाएगी और राज्य के नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।



