कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने हाल ही में एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi द्वारा GST सुधारों (GST reforms) को लेकर की गई लगभग हर भविष्यवाणी सही साबित हुई है। गहलोत ने केंद्र सरकार पर GST सुधारों पर कार्रवाई में बहुत अधिक समय लगाने का आरोप भी लगाया है।
राहुल गांधी की GST पर सटीक भविष्यवाणियां
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में Ashok Gehlot ने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि Rahul Gandhi ने बहुत पहले ही यह आगाह कर दिया था कि GST को लेकर सभी वर्ग के लोग, चाहे वे व्यापारी हों, उपभोक्ता हों या अन्य, चिंतित हैं। गहलोत के अनुसार, जब विपक्ष का नेता इतना महत्वपूर्ण बयान देता है, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि उस पर गंभीरता से गौर करे। उन्होंने जोर देकर कहा, “Rahul Gandhi द्वारा की गई लगभग हर भविष्यवाणी सही साबित हुई है।” यह टिप्पणी मौजूदा GST व्यवस्था की जटिलताओं और इसके संभावित प्रभावों पर पूर्व में उठाए गए सवालों को पुष्ट करती है।
GST सरलीकरण की मांग: एक स्लैब की वकालत
Ashok Gehlot ने GST को सरल बनाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें महज एक स्लैब (GST single slab) होना चाहिए, ताकि आम जनता और व्यापारियों के लिए यह समझना और पालन करना आसान हो। पूर्व मुख्यमंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा, “अगर सरकार ने समय पर GST की समीक्षा की होती तो आज लोग परेशान नहीं होते।” उन्होंने 15 अगस्त को GST सुधारों की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विचार में सरकार ने इन कमियों पर कार्रवाई करने में बहुत देर कर दी है। Ashok Gehlot का मानना है कि यदि कोई कमी है, तो उसे तत्काल सुलझा लिया जाना चाहिए, ताकि India economy पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़े।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर गहलोत की टिप्पणियां
इसी बीच, Ashok Gehlot ने बिहार के दरभंगा में ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां पर की गई टिप्पणियों और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से जुड़े मानहानि मामले का भी जिक्र किया। गहलोत ने शेखावत की मां के प्रति सम्मान व्यक्त किया, लेकिन मानहानि मामले पर शेखावत की हालिया टिप्पणियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैंने जनता से यही कहा था कि इस संजीवनी मामले में गरीबों को न्याय मिलना चाहिए। मैंने उन लोगों के खिलाफ आवाज उठाई, जो इस घोटाले में शामिल थे। हालांकि, सरकार बदलते ही उनकी संलिप्तता समाप्त हो गई।”
कांग्रेस नेता की ये टिप्पणियां न केवल GST reforms में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं, बल्कि राजनीतिक बयानों और न्यायपालिका से जुड़े मामलों पर भी उनकी बेबाकी को दर्शाती हैं।



