अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड के शेयर हालिया ट्रेडिंग सत्र में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार करते देखे गए हैं। हालांकि, अब निवेशकों के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। एक प्रतिष्ठित घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर को ‘खरीदें’ रेटिंग के साथ एक नया लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है, जिससे आने वाले दिनों में इसकी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
अडानी पोर्ट्स: ₹1700 का लक्ष्य, 30% उछाल की संभावना!
ब्रोकरेज ने अडानी पोर्ट्स के प्रति शेयर के लिए 1,700 रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसका सीधा अर्थ है कि मौजूदा स्तरों (लगभग 1336 रुपये प्रति शेयर) से इसमें 30% तक की शानदार बढ़त देखी जा सकती है। यह नया लक्ष्य कंपनी के 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 1,499.35 रुपये (जो सितंबर 2024 में दर्ज किया गया था) से भी अधिक है। गौरतलब है कि शेयर का 52 हफ्ते का निचला स्तर 993.85 रुपये था, जो 21 नवंबर 2024 को देखा गया था।
शेयर का हालिया प्रदर्शन: एक विश्लेषण
पिछले एक महीने में अडानी पोर्ट्स के शेयर में 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जो कुछ निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो पिछले छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों को 23% का मजबूत रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो शेयर में लगभग 12% की गिरावट आई है, जो बाजार की अस्थिरता और सेक्टर विशेष के कारकों को दर्शाता है।
विकास के मजबूत आधार: क्यों है भरोसा?
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, अडानी पोर्ट्स ने खुद को केवल एक पोर्ट ऑपरेटर की भूमिका से आगे बढ़कर भारत के सबसे विविध परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म में सफलतापूर्वक तब्दील कर लिया है। इसमें बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स और समुद्री सेवाओं में मजबूत विकास की अपार संभावनाएं निहित हैं। कंपनी का बंदरगाह व्यवसाय लगातार उद्योग जगत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 27.8% हो गई है, जो साल-दर-साल 60 आधार अंकों की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, कंटेनर बाजार में इसकी हिस्सेदारी भी 36% से लगातार बढ़कर 46% हो गई है। कंपनी द्वारा किए गए कई रणनीतिक अधिग्रहण भी भविष्य की वृद्धि की संभावनाओं को और अधिक मजबूती प्रदान करते हैं।
कंपनी की वित्तीय उम्मीदें
चालू वित्त वर्ष के लिए अडानी पोर्ट्स ने अपने वित्तीय अनुमान भी जारी किए हैं। कंपनी को 36,000 करोड़ रुपये से 38,000 करोड़ रुपये के बीच राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। वहीं, एबिटा (EBITDA) का पूर्वानुमान 21,000 करोड़ रुपये से 22,000 करोड़ रुपये के बीच रखा गया है। पूंजीगत व्यय (Capex) का अनुमान भी 11,000 करोड़ रुपये से 12,000 करोड़ रुपये के दायरे में रखा गया है, जो कंपनी के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह ‘खरीदें’ रेटिंग और कंपनी के मजबूत वित्तीय दृष्टिकोण अडानी पोर्ट्स को उन निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बना सकते हैं, जो लंबी अवधि में महत्वपूर्ण वृद्धि और स्थिर रिटर्न की तलाश में हैं।



