देश के सबसे लोकप्रिय टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में हर साल कुछ ऐसे पल आते हैं जो हमेशा के लिए यादगार बन जाते हैं। हाल ही में, शो के सेट पर एक छोटे कंटेस्टेंट का वीडियो इंटरनेट पर तूफान की तरह छा गया। इस बच्चे के ‘अति-आत्मविश्वास’ यानी overconfidence भरे रवैये ने न सिर्फ अमिताभ बच्चन को चौंकाया, बल्कि दर्शकों को भी दो खेमों में बांट दिया – एक जो मीम्स बना रहे थे और दूसरा जो गंभीरता से parenting के मुद्दों पर विचार कर रहा था। यह KBC viral video देखते ही देखते कई social media trends का हिस्सा बन गया, जिससे एक व्यापक बहस छिड़ गई है।
जब बच्चे ने दिखाया ‘ओवरकॉन्फिडेंस’
यह सब तब शुरू हुआ जब ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक एपिसोड में एक बच्चा कंटेस्टेंट के तौर पर आया। अपनी उम्र के हिसाब से वह काफी स्मार्ट और तेज था, लेकिन उसकी अधीरता और अति-आत्मविश्वास देखते ही बनता था। उसने महानायक अमिताभ बच्चन से बार-बार जल्दी-जल्दी सवाल पूछने की अपील की। हद तो तब हो गई जब कुछ सवालों में उसने बिना ऑप्शन्स देखे ही जवाब बताने की कोशिश की।
जल्दी-जल्दी जवाब देने के इसी चक्कर में बच्चा एक सवाल में फंस गया। हालांकि, ऑप्शन्स देखते ही उसने तुरंत ‘4 बार लॉक’ करने को कहा। अमिताभ बच्चन ने उसकी बात मानी और ऑप्शन लॉक कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश वह जवाब गलत निकला। इसके बाद क्या था, इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई!
वायरल मीम्स और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस घटना के तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर मीम्स और रिएक्शन्स की भरमार लग गई। यूजर्स ने बच्चे के हाव-भाव और उसके ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ पर खूब टिप्पणियां कीं:
- एक यूजर ने KBC क्लिप पोस्ट करते हुए लिखा, "KBC शो के इतिहास का सबसे संतुष्ट करने वाला क्लाइमैक्स। बच्चों को पढ़ाओ-लिखाओ, लेकिन साथ में संस्कार भी जरूर सिखाओ।"
- एक अन्य यूजर ने ‘पंचायत’ वेब सीरीज के विधायक जी और सचिव के बीच की बहस का वीडियो एडिट करके शेयर किया, जिसमें दिखाया गया कि अमिताभ बच्चन उस समय क्या सोच रहे होंगे।
- कई लोगों ने अमिताभ बच्चन की उम्र (83 साल) का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें इस उम्र में यह सब ‘डिजर्व’ नहीं करना चाहिए।
- कुछ एडिटेड वीडियो भी वायरल हुए, जहां बच्चे के मुंह पर ताला लगाते हुए दिखाया गया, जो ट्रोलिंग की हदें पार कर गया।
- एक यूजर ने तो सीधे तौर पर सवाल उठाया, "जब आप अपने बच्चे को दो साल की उम्र में फोन देते हैं, उसे प्राइवेट स्कूल में भेजते हैं, तो उसका यही नतीजा होता है।" यह टिप्पणी बच्चों को कम उम्र में फोन देने के चलन पर सवाल उठाती है।
ट्रोलिंग क्यों नहीं करनी चाहिए? पेरेंटिंग और ‘सिक्स पॉकेट सिंड्रोम’
हालांकि, इस वायरल घटना पर सिर्फ ट्रोलिंग ही नहीं हुई, बल्कि कई लोगों ने बच्चे का समर्थन करते हुए एक गंभीर मुद्दा उठाया: ‘सिक्स पॉकेट सिंड्रोम’ (Six Pocket Syndrome) और इसकी child psychology पर पड़ने वाले प्रभाव। एक वीडियो में एक शख्स इस सिंड्रोम के बारे में बताता है:
- आजकल एक बच्चा पैदा करने का चलन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में उस एक बच्चे के पास कुल 6 लोग (पापा-मम्मी, नाना-नानी और दादा-दादी) होते हैं, जो उसके ‘खरीददार’ बन जाते हैं।
- ये 6 लोग उस एक बच्चे की हर डिमांड पूरी करने की कोशिश करते हैं। इस वजह से बच्चे कहीं न कहीं ऐसे हो जाते हैं, जहां वे अपनी इच्छाओं को प्राथमिकता देते हैं और दूसरों की बात कम सुनते हैं।
- इस तर्क के अनुसार, किसी एक बच्चे को चुनकर उसे इस तरह ट्रोल करना बेहद गलत है, क्योंकि यह समाज की बदलती parenting शैलियों का परिणाम हो सकता है।
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि डिजिटल युग में बच्चों का पालन-पोषण कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है। एक ओर जहां मनोरंजन के लिए मीम्स बनते हैं, वहीं दूसरी ओर यह हमें बच्चों में आत्मविश्वास और विनम्रता के संतुलन, और स्क्रीन टाइम के प्रभावों पर विचार करने का मौका भी देता है। यह KBC viral video महज एक घटना नहीं, बल्कि आधुनिक social media trends और child psychology के बीच के जटिल संबंध का एक उदाहरण बन गया है।



