उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित PCS और ACF/RFO 2025 प्रारंभिक परीक्षा रविवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में 67 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। दो पालियों में आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने अपने भविष्य की दिशा तय करने की उम्मीद में हिस्सा लिया। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक सामान्य अध्ययन (General Studies) के लिए समर्पित थी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक CSAT (Civil Services Aptitude Test) के प्रश्नपत्र के लिए आयोजित की गई। इस वर्ष की PCS Prelims 2025 परीक्षा कई मायनों में खास रही, जिसने अभ्यर्थियों के केवल ज्ञान को ही नहीं, बल्कि उनकी विश्लेषण और समझ की क्षमता को भी परखा।
विशेषज्ञों की राय और प्रश्नपत्र का बदलता पैटर्न
परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार के प्रश्न सामान्य स्तर के थे, लेकिन उनके विकल्पों ने अभ्यर्थियों को काफी उलझाया। सिविल सेवा प्रशिक्षक नवीन पंकज ने बताया कि UPPSC ने अपने परंपरागत ढर्रे पर प्रश्न तो पूछे, लेकिन प्रश्नों के विकल्प तैयार करने में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के पैटर्न का अनुसरण किया। 150 प्रश्नों में से लगभग 80 प्रश्न कूट आधारित कथनात्मक थे, वहीं क्रमानुसार समायोजित करने वाले लगभग 25, युग्म सुमेल करने वाले लगभग 20 और कथन-कारण के भी लगभग 20 प्रश्न शामिल थे। विकल्पों की यह जटिल संरचना आसान दिखने वाले प्रश्नों को भी चुनौतीपूर्ण बना रही थी, जिसके कारण पेपर हल करने में अधिक समय लगा। कुल मिलाकर, आयोग के इस प्रश्नपत्र को PCS की दृष्टि से संतुलित और गुणात्मक माना जा सकता है। यह ACF RFO Exam में भी इसी तरह का पैटर्न दर्शाता है।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया: जीएस औसत, CSAT आसान
PCS 2025 प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र को औसत दर्जे का बताया, जबकि CSAT Paper को उन्होंने काफी आसान माना। गाजीपुर के प्रदीप कुमार यादव ने CAV इंटर कॉलेज से परीक्षा देने के बाद कहा कि प्रथम प्रश्नपत्र औसत था, लेकिन दूसरी पाली का CSAT काफी आसान था और इसमें अधिकांश अभ्यर्थी उत्तीर्ण हो जाएंगे। सुल्तानपुर के पुरुषोत्तम को भी पेपर आसान लगा, हालांकि समसामयिक घटनाओं से जुड़े कुछ प्रश्न थोड़े उलझाऊ लगे। गाजीपुर के विपिन यादव, सुल्तानपुर के सौरभ मौर्य और मिर्जापुर के विपिन कुमार ने भी सामान्य अध्ययन के पेपर को औसत बताया।
विषयवार प्रश्नों का वितरण: संतुलन और व्यापकता
सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में इस बार लगभग सभी विषयों को संतुलित रूप से शामिल किया गया था, जो UPPSC Exam Analysis के लिए महत्वपूर्ण है। भूगोल और संविधान से सर्वाधिक 23-23 प्रश्न पूछे गए। इसके बाद इतिहास से 21 प्रश्न, अर्थव्यवस्था और योजना से 18 प्रश्न, विज्ञान से 17 प्रश्न और पर्यावरण से 14 प्रश्न थे। उत्तर प्रदेश विशेष पर आधारित सात प्रश्न थे, जबकि समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) पर सर्वाधिक 27 प्रश्न पूछे गए थे, जो आयोग की बदलती प्राथमिकता को दर्शाता है।
प्रमुख प्रश्न और महत्वपूर्ण विषय
इस बार के प्रश्नपत्र में कई महत्वपूर्ण और सामयिक विषयों को छुआ गया। इजराइल की आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली, मानव विकास सूचकांक (Human Development Index), जलियांवाला बाग हत्याकांड, तमिलनाडु में रामेश्वरम द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले देश के पहले वर्टिकल-लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल ‘पंबन ब्रिज’, ओडिशा तट पर ओलिव रिडले कछुओं के संरक्षण हेतु चलाए गए वार्षिक अभियान ‘ऑपरेशन ओलिविया’, और स्वेज नहर जैसे विषयों पर आधारित प्रश्न शामिल थे। यह दर्शाता है कि आयोग केवल तथ्यों की नहीं, बल्कि अवधारणात्मक समझ की भी परख कर रहा है।
परीक्षा के बाद की स्थिति: यातायात और व्यवस्था
परीक्षा समाप्त होने के बाद, शाम 5 बजे से 7 बजे तक सिविल लाइंस बस अड्डा और रेलवे स्टेशनों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (सिविल लाइंस) जयकरन ने बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई थी। बनारस, जौनपुर, फतेहपुर और कानपुर रूट पर लगभग 110 अतिरिक्त फेरे संचालित किए गए, और पूरे प्रयागराज परिक्षेत्र में कुल 640 बसें चलाई गईं। मंडल परिचालन प्रबंधक अमित सिंह के अनुसार, प्रयागराज जंक्शन पर सुरक्षा और सुविधा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। शाम को कानपुर इंटरसिटी, लिच्छवी और संगम एक्सप्रेस में विशेष रूप से भीड़ देखी गई। रामबाग स्टेशन और प्रयाग स्टेशन पर भी अभ्यर्थियों की भीड़ दिखी।
उपस्थिति के आंकड़े और अनुमानित PCS Cutoff 2025
परीक्षा में उपस्थिति के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। इस वर्ष कुल 6,26,387 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2,65,364 (लगभग 42.5%) ने परीक्षा दी। यह पिछले कुछ वर्षों की तुलना में उपस्थिति प्रतिशत में गिरावट दर्शाता है। पिछले वर्षों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 2020: 5,95,700 पंजीकृत, 3,14,699 उपस्थित (66.38%)
- 2021: 6,91,173 पंजीकृत, 3,21,273 उपस्थित (62.20%)
- 2022: 6,05,023 पंजीकृत, 3,29,309 उपस्थित (63.72%)
- 2023: 5,67,657 पंजीकृत, 3,45,022 उपस्थित (67.69%)
- 2024: 5,76,154 पंजीकृत, 2,41,359 उपस्थित (41.89%)
- 2025: 6,26,387 पंजीकृत, 2,65,364 उपस्थित (42.5%)
अमृत उपाध्याय के अनुसार, इस साल का पेपर न तो बहुत कठिन था, न ही बहुत आसान। यह उन अभ्यर्थियों के लिए वरदान रहा जिन्होंने केवल रटने के बजाय हर टॉपिक को गहराई से समझा है। उम्मीद है कि अनारक्षित वर्ग का PCS Cutoff 100-120 अंक, OBC का 100-110, SC का 80-95, ST का 80-90, और महिला वर्ग का कटऑफ 100-110 अंक तक रह सकता है। आयोग की उत्तर कुंजी में होने वाले सुधारों पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा।



