श्रीलंका में अफ्रीकी स्वाइन बुखार (African Swine Fever – ASF) के तेजी से फैलते प्रकोप को रोकने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश भर में बीमारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए कई कड़े और निर्णायक कदम उठाए हैं, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य और पशुधन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस गंभीर pig disease के बढ़ते खतरे को देखते हुए, एक असाधारण गजट अधिसूचना जारी की गई है, जो पूरे देश में सतर्कता और सख्त नियमों की घोषणा करती है।
क्या हैं सरकार के नए कड़े उपाय?
हाल ही में जारी अधिसूचना के अनुसार, श्रीलंका के सभी जिलों को अब African Swine Fever जोखिम क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही, सूअरों को ‘रोग जोखिम वाले जानवरों’ की श्रेणी में रखा गया है। इन उपायों का मुख्य उद्देश्य बीमारी के आगे प्रसार को रोकना है।
- बिना उचित अनुमति के सूअरों का मांस बेचना, भंडारण करना, आपूर्ति करना, वितरण करना या प्रसंस्करण करना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- किसी भी ऐसे मांस प्रसंस्करण केंद्र, भंडारण सुविधा या मांस प्रसंस्करण केंद्र में सूअरों की हत्या, भंडारण या प्रसंस्करण की अनुमति नहीं होगी जिसे अधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमोदित न किया गया हो।
ये प्रतिबंध यह सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए हैं कि संक्रमित मांस उत्पादों के माध्यम से ASF का प्रसार न हो।
अफ्रीकी स्वाइन बुखार (ASF) क्या है और यह कैसे फैलता है?
श्रीलंका में पहली बार 2024 में African Swine Fever का प्रकोप देखा गया था। यह बीमारी सूअरों में गंभीर बीमारी का कारण बनती है और अत्यधिक संक्रामक है। यह मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीकों से फैलती है:
- संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने से।
- संक्रमित जानवरों के शारीरिक तरल पदार्थों (जैसे रक्त, लार, मूत्र) से।
- दूषित चारे या उपकरणों के माध्यम से।
- कभी-कभी संक्रमित टिक के काटने से भी यह बीमारी फैल सकती है।
Sri Lanka health अधिकारी लोगों को सूअरों और उनके उत्पादों के साथ अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं ताकि इस खतरनाक pig disease के प्रसार को रोका जा सके।
अफ्रीकी स्वाइन बुखार (ASF) और स्वाइन फ्लू (Swine Flu) में अंतर
अक्सर लोग African Swine Fever और Swine Flu को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये दोनों अलग-अलग बीमारियां हैं:
अफ्रीकी स्वाइन बुखार (ASF)
यह बीमारी केवल सूअरों को प्रभावित करती है और मनुष्यों में नहीं फैलती। इसके लक्षण सूअरों में अत्यंत गंभीर होते हैं और अक्सर मृत्यु का कारण बनते हैं।
सूअरों में ASF के सामान्य लक्षण:
- तेज बुखार
- अवसाद और सुस्ती
- भूख न लगना
- कान, पेट और पैरों की त्वचा का लाल होना या बैंगनी पड़ना
- उल्टी और दस्त
- खांसी और सांस लेने में कठिनाई
- गर्भावस्था के दौरान सूअरों में गर्भपात
- अचानक मृत्यु
स्वाइन फ्लू (Swine Flu – H1N1)
यह इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) वायरस के कारण होता है और मुख्य रूप से मनुष्यों को प्रभावित करता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
मनुष्यों में स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण:
- तेज बुखार
- खांसी
- गले में खराश
- मांसपेशियों और शरीर में दर्द
- थकान और कमजोरी
- सिरदर्द
- बहती नाक या नाक बंद होना
- दस्त और उल्टी (कभी-कभी)
- सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द (गंभीर मामलों में)
यह स्पष्ट है कि जहां African Swine Fever सूअर पालन उद्योग के लिए एक बड़ा खतरा है, वहीं Swine Flu मानव स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। Sri Lanka health विभाग ने इस अंतर को स्पष्ट करते हुए लोगों को सही जानकारी देने का प्रयास किया है।
निष्कर्ष
श्रीलंका सरकार ने African Swine Fever के प्रसार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इन उपायों का पालन करना और बीमारी के बारे में सही जानकारी रखना सभी के लिए महत्वपूर्ण है। पशुपालकों और आम जनता दोनों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को देने की सलाह दी गई है ताकि इस खतरनाक बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि भविष्य में ऐसी किसी भी pig disease से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारियां हों।



