हाल ही में क्रिकेट के मैदान से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने सबको चौंका दिया। मुंबई और महाराष्ट्र के बीच खेले जा रहे अभ्यास मैच के दौरान युवा भारतीय बल्लेबाज Prithvi Shaw अपना आपा खो बैठे और उन्होंने मुंबई के ही खिलाड़ी Musheer Khan पर बल्ला लेकर दौड़ लगा दी। इस घटना से मैदान पर हड़कंप मच गया और दर्शकों सहित खिलाड़ियों को भी अचरज में डाल दिया। यह सब रणजी ट्रॉफी 2025-26 के वार्म-अप मैच के दौरान हुआ, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
मैदान पर अनियंत्रित गुस्सा: क्या हुआ था?
यह घटना पुणे में मंगलवार (7 अक्टूबर, 2025) को तब हुई जब Prithvi Shaw, जो महाराष्ट्र के लिए खेल रहे थे, मुशीर खान की गेंद पर आउट हुए। आउट होने के बाद, शॉ गुस्से में आग बबूला हो गए और उन्होंने अपना बल्ला उठाया तथा Musheer Khan की तरफ दौड़ पड़े। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और अंपायरों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि स्थिति को संभाला जा सके। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और Cricket Controversy का विषय बन गया है।
शॉ की धमाकेदार बल्लेबाजी के बाद बवाल
दिलचस्प बात यह है कि इस घटना से पहले Prithvi Shaw ने अपनी बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया था। आठ साल तक मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद हाल ही में महाराष्ट्र में शामिल हुए शॉ ने 219 गेंदों में शानदार 181 रनों की पारी खेली। उन्होंने 140 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और मैदान के हर कोने में शॉट लगाए। यह पारी Ranji Trophy के आगामी सत्र से पहले उनकी फॉर्म को दर्शाती है, लेकिन उनके आउट होने के बाद का विवाद उनकी खेल भावना पर सवाल खड़ा करता है। मुशीर खान, जो सरफराज खान के छोटे भाई हैं, की गेंद पर ही वह कैच आउट हुए, जिसके बाद यह कहासुनी हुई और फिर शॉ ने गुस्से में अपना बल्ला मुशीर की तरफ फेंका।
Prithvi Shaw का उतार-चढ़ाव भरा करियर
Prithvi Shaw भारतीय क्रिकेट के उन चेहरों में से एक हैं जिनकी शुरुआत धमाकेदार रही, लेकिन बाद में उनका करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने 2018 में अपनी कप्तानी में भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताया और उसी साल टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू भी किया। हालांकि, इसके बाद वह फॉर्म, फिटनेस और अनुशासन से जुड़ी समस्याओं से जूझते रहे। उन्होंने आखिरी बार 2021 में भारत के लिए खेला था और दुर्भाग्य से, IPL 2025 की नीलामी में उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा। यह घटना उनके व्यक्तित्व के उस पहलू को उजागर करती है जिस पर उन्हें काम करने की जरूरत है।
शानदार साझेदारी और महाराष्ट्र की मजबूत स्थिति
विवाद के बावजूद, Prithvi Shaw की बल्लेबाजी काबिलियत पुणे के मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखी। उन्होंने सलामी बल्लेबाज अरशिन कुलकर्णी के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए सिर्फ 49.4 ओवर में 305 रनों की विशाल साझेदारी की। कुलकर्णी ने भी 140 गेंदों में 186 रनों की तूफानी पारी खेली। शॉ की पारी में आक्रामकता और नियंत्रण का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला, जिससे Maharashtra Cricket टीम ने अपनी पारी 465/3 पर घोषित की। मुंबई की गेंदबाजी में शार्दुल ठाकुर, तुषार देशपांडे, तनुष कोटियन, शम्स मुलानी और एशिया कप खेलकर लौटे शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी शामिल थे, लेकिन शॉ और कुलकर्णी ने उनकी कड़ी परीक्षा ली।
निष्कर्ष: प्रतिभा और तेवर का मेल
यह घटना एक बार फिर Prithvi Shaw की प्रतिभा और उनके तेवर दोनों को सामने लाती है। उनकी बल्लेबाजी में अदम्य क्षमता है, लेकिन मैदान पर उनका गुस्सा अक्सर उनके प्रदर्शन पर भारी पड़ जाता है। इस Cricket Controversy से सबक लेकर उन्हें अपनी खेल भावना पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है ताकि वह अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें और भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह दोबारा बना सकें।



