ओडिशा के कटक शहर में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन (Odisha Durga Puja) के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद से तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इस घटना में पुलिस उपायुक्त (DCP) सहित कई लोग घायल हुए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने 6 अक्टूबर को 12 घंटे के कटक बंद (VHP bandh) का ऐलान किया है। आइए जानते हैं इस पूरी घटना और मौजूदा हालात के बारे में विस्तार से।
कटक में हिंसा का कारण और घटनाक्रम
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 4 अक्टूबर 2025 को देर रात करीब 1.30 से 2 बजे के बीच उस समय हुई, जब दुर्गा मूर्ति विसर्जन के लिए शोभायात्रा काठजोड़ी नदी की ओर बढ़ रही थी। पुलिस के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत डीजे साउंड के तेज बजने पर कुछ स्थानीय लोगों की आपत्ति के बाद हुई। यह बहस जल्द ही हिंसक टकराव में बदल गई और भीड़ ने घरों की छतों से शोभायात्रा पर पथराव शुरू कर दिया, साथ ही कांच की बोतलें भी फेंकीं। इस Cuttack violence में कई लोग घायल हुए, जिसमें कटक के डीसीपी ऋषिकेश भी शामिल थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, इस दौरान कई वाहन और सड़क किनारे लगे स्टॉल भी क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रशासन की कार्रवाई: गिरफ्तारियां और इंटरनेट सस्पेंशन
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। तनाव को कम करने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए कटक में 24 घंटे के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ओडिशा सरकार ने आदेश जारी कर कटक में 24 घंटे का यह इंटरनेट बंद (internet shutdown) लागू किया है, जिसमें मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड सेवाएं ठप कर दी गई हैं। कटक के डीएम ने शांति बनाए रखने के लिए इस कदम को आवश्यक बताया है।
पुलिस अधिकारियों के बयान और अफवाहों का खंडन
भुवनेश्वर-कटक के पुलिस कमिश्नर सुरेश देबदत्ता सिंह ने बताया कि एक संगठन ने बाइक रैली की अनुमति मांगी थी, जिसे सांप्रदायिक तनाव (communal tension) बढ़ने की आशंका के चलते खारिज कर दिया गया था। इसके बावजूद भीड़ ने पुलिस से झड़प की, जिसमें आठ पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। कमिश्नर ने दुर्गा मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान पथराव में घायल चार लोगों की मौत की अफवाहों का भी खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायल हुए सभी लोगों को हल्की चोटें आई थीं, जिनमें से तीन को उसी दिन डिस्चार्ज कर दिया गया था और एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और बताया कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लगाया जाएगा।
आगज़नी की घटनाएं
कटक के सहायक फायर अधिकारी संजीव कुमार बेहरा ने बताया कि उन्हें गौरी शंकर पार्क के पास दंगाइयों द्वारा आठ से दस जगहों पर आग लगाने की जानकारी मिली थी। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन इस दौरान उन पर भी पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
वर्तमान स्थिति और शांति के प्रयास
कटक में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इंटरनेट बंद का उद्देश्य अफवाहों पर लगाम लगाना है, ताकि हालात और न बिगड़ें। पुलिस और स्थानीय प्रशासन दोनों ही जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं।



