केरल में एक टीवी चैनल पर हुई बहस के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi को लेकर की गई कथित अशोभनीय टिप्पणी ने देश की छात्र राजनीति में हलचल मचा दी है। इस घटना के बाद, जहां कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है, वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने टिप्पणी करने वाले व्यक्ति से अपना पल्ला झाड़ लिया है।
एनएसयूआई ने बताया लोकतंत्र पर सीधा वार
घटना के सामने आने के बाद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा आघात है। चौधरी ने तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा-आरएसएस की वही ‘नफरतभरी सोच’ जिसने महात्मा गांधी की हत्या की थी, आज फिर एक बार सामने आ रही है।
चौधरी ने याद दिलाया कि गांधी परिवार ने देश की एकता और सुरक्षा के लिए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे महान नेताओं का बलिदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अपमानजनक बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए गृह मंत्री को पत्र लिखा है। NSUI अध्यक्ष ने यह भी कहा कि Rahul Gandhi छात्रों और युवाओं की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं, और भाजपा उन्हें धमकियों या हिंसा से चुप नहीं करा सकती।
वरुण चौधरी ने जोर देकर कहा कि ऐसे शर्मनाक बयानों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी नेता इस तरह की खतरनाक राजनीति करने की हिम्मत न कर सके।
एबीवीपी ने झाड़ा पल्ला, मीडिया से नाम हटाने की अपील
दूसरी ओर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी इस विवादित TV debate पर अपना पक्ष रखा है। ABVP के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक हर्ष अत्री ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है।
अत्री ने कहा, ‘केरल के एक TV debate के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi को लेकर एक व्यक्ति द्वारा की गई टिप्पणी के संबंध में विभिन्न मीडिया समूहों द्वारा चलाए जा रहे समाचारों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का नाम प्रयोग किया जा रहा है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि संदर्भित टीवी पैनलिस्ट की विद्यार्थी परिषद से वर्तमान में कोई संबद्धता नहीं है। ‘
ABVP ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे में उनके विचारों को ‘विद्यार्थी परिषद नेता’ या ‘पूर्व नेता’ के रूप में प्रकट करना पूरी तरह से अनुचित और गलत है।
संगठन ने विभिन्न मीडिया समूहों से अनुरोध किया है कि वे इस संदर्भ में कवर किए गए समाचारों से ABVP का नाम हटा लें। विद्यार्थी परिषद ने अपनी छात्र संगठन की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि वह अपनी महती भूमिका में सतत सक्रिय है और राजनीतिक विषयों से उसकी संबद्धता नहीं है, इसलिए ऐसे विचारों को विद्यार्थी परिषद के मत के रूप में मीडिया द्वारा प्रचारित नहीं किया जा सकता है। यह घटना Kerala politics में गरमाहट ला रही है।



