राष्ट्रीय जनता दल के विधायक Ritlal Yadav को पटना उच्च न्यायालय से एक बड़ा झटका लगा है। एक महत्वपूर्ण फैसले में, Patna High Court ने चर्चित Satyanarayan Sinha Murder Case में Ritlal Yadav को बरी किए जाने के 2023 के आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया है, जिससे RJD MLA की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
निचली अदालत का क्या था फैसला?
आपको बता दें कि साल 2023 में पटना सिविल कोर्ट की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने इसी Satyanarayan Sinha Murder Case में Ritlal Yadav को बरी कर दिया था। यह फैसला सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सुनाया गया था। दरअसल, Patna High Court के आदेश पर इस बहुचर्चित हत्याकांड की स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई हुई थी, जिसमें Ritlal Yadav समेत कुछ अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। उस समय, निचली अदालत ने अन्य आरोपियों को भी सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
आशा सिन्हा ने खटखटाया न्याय का दरवाजा
सत्यनारायण सिन्हा, जो कि दानापुर की पूर्व बीजेपी विधायक आशा सिन्हा उर्फ आशा देवी के पति थे, उनकी हत्या के मामले में निचली अदालत से Ritlal Yadav और अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के बाद आशा सिन्हा ने हार नहीं मानी। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ Patna High Court का दरवाजा खटखटाया। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए, इसी साल फरवरी के महीने में अदालत ने इस केस से जुड़े सभी आरोपियों को नोटिस भी जारी किया था। यह मामला Bihar Politics में भी काफी अहमियत रखता है, और लगातार सुर्खियों में रहा है।
2003 की वो मनहूस तारीख
यह घटना 30 अप्रैल 2003 की है। राजद ने उस दिन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘तेल पिलानव, लाठी घुमावन’ रैली का आयोजन किया था। ठीक उसी दिन, खगौल के जमालुद्दीन चक के पास सत्यनारायण सिन्हा की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस Satyanarayan Sinha Murder Case में Ritlal Yadav पर हत्या का आरोप लगा था, जिसके बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा है। अब Patna High Court के इस नए आदेश ने एक बार फिर इस पुराने मामले को नई दिशा दी है और न्याय की उम्मीद जगाई है।



