जयपुर, 25 सितंबर 2025: राजधानी जयपुर की हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार बंदियों के बीच हुई एक खूनी झड़प ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा jail incident में, एक बंदी ने चाय के कप से दूसरे बंदी का सिर फोड़ दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना `Jaipur Central Jail` में बढ़ती असुरक्षा को उजागर करती है।
बंदियों के बीच झड़प: क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर सेंट्रल जेल के वार्ड नंबर-5 के बैरक नंबर-3 में बुधवार शाम विचाराधीन बंदी विष्णु और रोहित के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह विवाद गंभीर `inmate brawl` में बदल गया। बंदी रोहित ने अपने साथी रामकेश के साथ मिलकर विष्णु पर हमला कर दिया। इस दौरान रोहित ने चाय पीने वाले कप से विष्णु के सिर पर वार किया, जिससे उसका सिर फट गया। घायल बंदी विष्णु को तुरंत जेल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके सिर में दो टांके आए।
इस `jail incident` के बाद जेल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रहरी बंटी सेजवाल की रिपोर्ट पर लालकोठी थाने में मामला दर्ज करवाया है। मारपीट करने वाले दोनों बंदियों, रोहित और रामकेश के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब `Jaipur Central Jail` की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हों। हाल ही में, दो बंदियों के फिल्मी स्टाइल में जेल की सुरक्षा दीवार फांदकर फरार होने की घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी। हालांकि, दोनों फरार बंदियों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन इस मामले में 11 सुरक्षाकर्मियों को निलंबित किया गया था। इस बड़ी चूक के बाद भी `prison security` में सुधार होता नहीं दिख रहा है।
एक दिन पहले ही जेल में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान 6 मोबाइल फोन बरामद हुए थे, जिससे जेल के अंदर प्रतिबंधित वस्तुओं की पहुंच को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। लगातार हो रहे `inmate brawl` और अन्य घटनाओं से `Rajasthan news` में जेल की छवि लगातार खराब हो रही है। इस तरह की घटनाएं यह साबित करती हैं कि `prison security` में अभी भी कई खामियां हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। प्रशासन को इस पर गंभीर मंथन कर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसे `jail incident` की पुनरावृत्ति न हो।



