Indore के व्यस्ततम महालक्ष्मीनगर क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया, जब कुख्यात भूमाफिया मनोज नागर पर सरेराह फिल्मी अंदाज में जानलेवा हमला किया गया। बदमाशों ने उनकी कार रोककर मिर्च झोंकी और ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। Manoj Nagar को दो गोली हाथ में और एक गोली पेट में लगी है, हालांकि उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह हमला दिन में हुए एक जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने बयान के बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
हमले का फिल्मी अंदाज: कैसे रची गई साजिश?
डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक के अनुसार, यह घटना बुधवार शाम करीब सात बजे सन सिटी के समीप हुई। मनोज साईंकृपा कॉलोनी स्थित अपने ऑफिस से निकलकर महालक्ष्मीनगर स्थित घर जा रहे थे। नरीमन पॉइंट (तुलसीनगर कट) पर पहुंचते ही सामने से एक सफेद रंग की कार ने मनोज की कार (एमपी 09सीआर 1234) में टक्कर मार दी।
टक्कर से नाराज होकर मनोज अपनी कार से उतरे और दूसरी कार के चालक को गाली देने लगे। चालक ने डरकर शीशा चढ़ा लिया। मनोज गुस्से में आरोपी की कार पर मुक्के मारने लगे। तभी दूसरी तरफ से एक युवक आया और मनोज की आंखों में मिर्ची झोंक दी। मनोज बचने की कोशिश करने लगे, लेकिन तभी हेलमेट पहने एक और युवक आया और उस पर फायर कर दिया। पहली गोली मनोज के हाथ में लगी और वह बचकर सन सिटी कॉलोनी की ओर भागे। शूटर ने दूसरी बार फायर किया, जो उनके दूसरे हाथ में जा लगी। यह पूरी वारदात एक Shooting की घटना थी जिसने क्षेत्र में दहशत फैला दी।
गार्ड से मदद मांगते ही तीसरी गोली मारी
मनोज चिल्लाते हुए कॉलोनी के गेट पर पहुंचे और गार्ड रामेश्वर से मदद मांगी, ‘अंकल, मुझे गोली मार दी।’ उसी क्षण हेलमेट पहने बदमाश ने मनोज के पेट में भी गोली मार दी। मनोज धड़ाम से जमीन पर गिर गए और बदमाश अपनी कार लेकर महालक्ष्मीनगर की तरफ भाग गए। लोगों ने मनोज को तुरंत बॉम्बे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच और मनोज नागर का आपराधिक रिकॉर्ड
घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी जोन कुमार प्रतीक, एडीसीपी अमरेंद्रसिंह और टीआई तारेश सोनी तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे हमलावरों की तस्वीरें मिल गई हैं। बॉम्बे अस्पताल में मनोज नागर का उपचार चल रहा है। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि दोपहर में लेनदेन को लेकर उनका विवाद हुआ था, जिसके कारण इस हमले की आशंका जताई गई है। पुलिस ने शक के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
एडीसीपी अमरेंद्रसिंह के अनुसार, 50 वर्षीय मनोज उर्फ मनोहर पुत्र रामचरण नागर पहले धीरज नगर में रहता था। उसके खिलाफ खजराना थाने में ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मनोज नागर, शहर में सक्रिय Land Mafia गिरोह का एक प्रमुख सदस्य माना जाता है, जिसके कारण उसके खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं।
न्याय नगर जमीन घोटाले का मुख्य आरोपी
मनोज नागर न्यायनगर जमीन घोटाले में भी मुख्य आरोपी रहा है। इस बड़े घोटाले में मनोज के साथ रामकृष्ण चुन्नीलाल तिरोले, हेमंत अयोध्या प्रसाद यादव, राजेश किशोर राठौर, कमल भेरुलाल सोलंकी, राकेश पांडे, दीनू चौहान और भारत रघुवंशी जैसे कई अन्य नाम भी शामिल रहे हैं। यह Nyay Nagar Land Scam शहर के सबसे चर्चित घोटालों में से एक रहा है, और इसमें मनोज की मुख्य भूमिका थी।
पुलिस भूमाफिया विरोधी अभियान के तहत इन आरोपियों को कई बार गिरफ्तार कर चुकी है। मनोज फिलहाल महालक्ष्मीनगर स्थित एमआर-3 में रहने चला गया था। डीसीपी के अनुसार, आरोपियों के नाम स्पष्ट हो गए हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। शहर में ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती पेश करती हैं।



