हाल ही में, मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब त्योंथर से भाजपा विधायक Siddharth Tiwari ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh को ‘मौलाना दिग्विजय सिंह’ कहकर संबोधित किया। इस बयान के बाद Madhya Pradesh politics में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, कांग्रेस ने इसे घोर आपत्तिजनक बताते हुए विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं।
सीएम की मौजूदगी में दिया विवादित बयान
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 19 सितंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंचे थे। रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा के चाकघाट में आयोजित सभा के दौरान, विधायक Siddharth Tiwari ने मंच से यह विवादित बयान दिया। उन्होंने Digvijaya Singh को ‘मौलाना’ कहते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीयत और चरित्र को उनसे ज्यादा कोई नहीं जानता। सिद्धार्थ ने आगे कहा कि ये वही नेता हैं जो ओसामा जैसे आतंकवादी को ‘ओसामा जी’ कहकर बुलाते थे, और लगता है कि राहुल गांधी के गुरु भी वही थे, इसलिए राहुल गांधी भी ऐसी ही भाषा बोलते हैं। इस बयान के बाद से Congress BJP के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
दिग्विजय सिंह की सधी प्रतिक्रिया: ‘पुत्र समान’
सिद्धार्थ तिवारी के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh ने संयमित लेकिन सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘सिद्धार्थ मेरे पुत्र समान हैं। उनके परिवार से मेरे घनिष्ठ संबंध थे और रहेंगे। पुत्र “सपूत” या “कपूत” हो सकता है, पिता कभी कुपित नहीं हो सकता। सिद्धार्थ को ईश्वर सदबुद्धि दे।’ यह बयान उनकी राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है, जहां उन्होंने व्यक्तिगत संबंधों को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर रखने का प्रयास किया।
परिवार में ही बयान पर असहमति, तीखी आलोचना
दिलचस्प बात यह है कि विधायक Siddharth Tiwari के परिवार में ही उनके इस बयान पर एकमत नहीं है। उनके दिवंगत चचेरे भाई विवेक तिवारी उर्फ बबला की पत्नी अरुणा तिवारी ने उन्हें नसीहत देते हुए तीखी आलोचना की। अरुणा तिवारी ने कहा कि भाजपा में कुछ ऐसे संकीर्ण मानसिकता के लोग हैं, जिन्हें अपने बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना भी नहीं आता। उन्होंने याद दिलाया कि जिस घर में आज सिद्धार्थ रह रहे हैं, उसकी नींव कांग्रेस पार्टी ने ही रखी थी और राजनीति में भी उन्हें पहली बार मौका Digvijaya Singh जी ने ही दिया था। अरुणा ने इसे चरित्र का प्रश्न बताते हुए कहा कि ऐसे लोग कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कौन हैं, यह भी नहीं जानते, इसलिए अनर्गल और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने भाजपा के विचारों को ‘दूषित’ बताते हुए कहा कि ये मध्य प्रदेश को प्रदूषित करने का काम कर रहे हैं।
रीवा में कांग्रेस का सड़क पर प्रदर्शन: सद्बुद्धि यज्ञ
इस बयान के विरोध में कांग्रेस की छात्र इकाई, एनएसयूआई (NSUI) ने भी मोर्चा खोल दिया है। रविवार को Rewa के कोठी कंपाउंड स्थित मंदिर में एनएसयूआई की ओर से Siddharth Tiwari और रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा (जिन्होंने भी इसी तरह का एक और बयान दिया था) की फोटो रखकर सद्बुद्धि यज्ञ किया गया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भगवान से प्रार्थना की कि वे इन नेताओं को सद्बुद्धि दें। यह घटनाक्रम दिखाता है कि Madhya Pradesh politics में यह बयान एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंधों की मर्यादा पर भी सवाल उठ रहे हैं।



