कांग्रेस नेता Sam Pitroda अपने हालिया बयान के कारण एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में ‘घर जैसा’ महसूस होने की बात कही है, जिसने देश भर में राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक में भारी भूचाल ला दिया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्हें भारत में Telecom Revolution का जनक और Padma Bhushan जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा चुका है।
महान उपलब्धियों के बावजूद क्यों विवादों में सैम पित्रोदा?
विवादों में सबसे आगे रहने वाले Congress Leader Sam Pitroda को लोग एक बार फिर से देश विरोधी बता रहे हैं। दरअसल, सैम पित्रोदा ने हाल में एक ऐसा बयान दे दिया है जिससे सियासी भूचाल मच गया है। नेता तो नेता, सोशल मीडिया पर आम लोगों ने भी उनके खिलाफ जमकर भड़ास निकाला है। सैम पित्रोदा ने शुक्रवार को बयान देते हुए कहा था कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की अपनी यात्राओं के दौरान उन्हें हमेशा ‘घर जैसा’ महसूस हुआ। दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों देशों में हाल ही में सत्ता परिवर्तन हुए हैं और उसके बाद अशांति का दौर भी आया है, जिससे उनके इस बयान की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।
लेकिन क्या आप लोग जानते हैं कि सैम पित्रोदा को भारत में Telecom Revolution के लिए Padma Bhushan पुरस्कार मिल चुका है? उनके नाम 100 से अधिक पेटेंट हैं। इतनी उपलब्धि के बावजूद वह Pakistan Statement देकर अपनी छवि खराब कर रहे हैं। या तो यह पब्लिसिटी में आने का आसान तरीका हो सकता है या फिर सियासी बयानबाजी हो सकती है। हालांकि, उनका तर्क कहीं से सही नहीं ठहर रहा है।
जानिए सैम पित्रोदा की शानदार उपलब्धि
- 2005 से 2009 के बीच, उन्होंने भारत में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की अध्यक्षता की थी।
- भारतीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष रहते हुए Sam Pitroda ने 27 क्षेत्रों में सुधार के लिए क़रीब 300 सुझाव दिए थे।
- उन्हें पोर्टेबल कंप्यूटिंग का अग्रणी माना जाता है, क्योंकि उन्होंने 1975 में इलेक्ट्रॉनिक डायरी का आविष्कार किया था।
- उन्होंने भारत में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) की स्थापना की, जो एक स्वायत्त दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संगठन है।
- 1993 में, पित्रोदा ने भारत में बैंगलोर के पास ट्रांस-डिसिप्लिनरी स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना में मदद की।
- उन्होंने राजीव गांधी और मनमोहन सिंह के भारत के प्रधानमंत्री रहते हुए उनके सलाहकार के रूप में कार्य किया।
- साथ ही संयुक्त राष्ट्र में वे इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।
सैम पित्रोदा को पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित Sam Pitroda को विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 2009 में Padma Bhushan से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा डेटाक्वेस्ट ने 2002 में पित्रोदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था। मई 2010 में, शिकागो कॉलेज ऑफ मेडिसिन में इलिनोइस विश्वविद्यालय ने उन्हें मानद उपाधि प्रदान की थी।



