अमेरिका, भारतीयों के लिए काम करने का एक पसंदीदा ठिकाना रहा है, खासकर टेक (Tech), हेल्थकेयर (Healthcare) और फाइनेंस (Finance) जैसे क्षेत्रों में भारतीय प्रोफेशनल्स H-1B Visa पर काम करते हैं। इस वीजा को हासिल करने में भारतीय सबसे आगे भी हैं। लेकिन हाल के दिनों में अमेरिकी US Job Market में उथल-पुथल देखने को मिली है, जिससे Layoff का खतरा मंडरा रहा है। गूगल (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) या अमेजन (Amazon) जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों में भी छंटनी देखने को मिली है। ऐसे में कई H-1B Visa धारकों के मन में सवाल है कि अगर उनकी नौकरी चली जाए, तो उनके पास क्या विकल्प बचेंगे? क्या उन्हें तुरंत देश लौटना पड़ेगा या अमेरिका में बने रहने का कोई रास्ता है? आइए इन सवालों के जवाब विस्तार से समझते हैं।
नौकरी जाने पर मिलेगा 60 दिन का ग्रेस पीरियड
दरअसल, अगर आप H-1B Visa पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और आपकी नौकरी चली जाती है, तो आपको 60 दिनों का Grace Period मिलता है। यह अमेरिकी कानून के तहत एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। इस Grace Period का मतलब है कि नौकरी जाने के बाद भी आपको अपने नॉन-इमिग्रेंट स्टेटस को खत्म करने से पहले 60 दिन का समय दिया जाता है। इन 60 दिनों के भीतर, आप नई नौकरी ढूंढ सकते हैं या अमेरिका में कानूनी तौर पर रहने के लिए किसी अन्य वीजा (Visa) के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह नियम पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में लाया गया था और 2017 में इसे कानून का रूप दिया गया।
हालांकि, इस नियम में एक पेंच भी है। जिस सेक्शन के जरिए H-1B Visa होल्डर को Grace Period मिलता है, उसमें ये भी कहा गया है कि अमेरिका का गृह मंत्रालय यानी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) अपने विवेक से इस Grace Period को खत्म या छोटा कर सकता है। ध्यान रहे, H-1B Visa पर रहते हुए आपको यह Grace Period का लाभ आमतौर पर एक बार ही मिलता है।
ग्रेस पीरियड कैसे काम करता है और आपके पास क्या विकल्प हैं?
इस Grace Period की शुरुआत आपकी कंपनी में आखिरी कार्य दिवस से होती है, न कि Layoff की घोषणा के दिन से। इस अवधि में H-1B Visa वर्कर के पास कई Immigration Options उपलब्ध होते हैं:
- नई नौकरी की तलाश: सबसे आम और सीधा विकल्प है एक नई कंपनी में नौकरी खोजना, जो H-1B Visa के लिए स्पॉन्सर करने को तैयार हो। कई अमेरिकी कंपनियां अनुभवी H-1B Visa धारकों की तलाश में रहती हैं। यदि आपको नई नौकरी मिल जाती है, तो नई कंपनी आपके लिए नए H-1B Visa के लिए याचिका दायर कर सकती है।
- स्टेटस बदलना: आप अपने स्टेटस को बदलने के लिए आवेदन दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप अमेरिका के विजिटर वीजा (Visitor Visa) या स्टूडेंट वीजा (Student Visa) के लिए अप्लाई कर सकते हैं, यदि आप उनकी शर्तों को पूरा करते हैं।
- ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन: यदि आप ग्रीन कार्ड (Green Card) के लिए योग्य हैं, तो आप इस दौरान उसके लिए भी आवेदन कर सकते हैं। आपके पास अन्य वर्क वीजा (Work Visa) के लिए अप्लाई करने का भी ऑप्शन है, अगर आप उनकी शर्तों को पूरा करते हैं।
- देश वापसी: यदि आप अमेरिका में बने नहीं रहना चाहते या आपको कोई विकल्प नहीं मिलता, तो आप बोरिया-बिस्तर समेट कर अपने देश वापस लौट सकते हैं। ऐसा करने से भविष्य में अमेरिका का वीजा प्राप्त करने की आपकी संभावनाएं बेहतर बनी रहती हैं, क्योंकि आपने किसी तरह के नियम को नहीं तोड़ा है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, अमेरिका में नौकरी खोने पर H-1B Visa धारकों के पास वहां बने रहने या नए अवसर तलाशने के कई कानूनी विकल्प मौजूद हैं। अमेरिकी US Job Market में उतार-चढ़ाव के बावजूद, समझदारी और समय पर कार्रवाई करके आप अपनी स्थिति को सुरक्षित रख सकते हैं। सबसे आसान ऑप्शन दूसरी नौकरी ढूंढना है, क्योंकि कई कंपनियां अनुभवी वर्कर की तलाश में रहती हैं।



