इंडिया-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। यह मैच भारतीय टीम के जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन रहा, जहाँ युवा बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के मजबूत इरादों को धता बताते हुए खेल को निर्णायक मोड़ पर पहुँचने से रोक दिया। विशेष रूप से, देवदत्त पडीक्कल और ध्रुव जुरेल की बेहतरीन शतकीय पारियों ने इस ड्रॉ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि श्रेयस अय्यर कप्तानी ने भी टीम को सही दिशा दी।
IND A vs AUS A: पहला टेस्ट ड्रॉ, श्रेयस अय्यर की रणनीति सफल
IND A vs AUS A के बीच खेला गया यह दो मैचों की अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ। भारतीय टीम ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ को जीत हासिल करने से रोक दिया। श्रेयस अय्यर की अगुवाई में, भारतीय बल्लेबाजों ने कंगारू टीम के बड़े स्कोर का सफलतापूर्वक जवाब दिया और उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। यह मुकाबला एक ऐसे बिंदु पर समाप्त हुआ जहाँ दोनों टीमें अपनी-अपनी बल्लेबाजी का प्रदर्शन कर चुकी थीं, और नतीजा India A vs Australia A Test Draw रहा, जो भारत के लिए एक सम्मानजनक परिणाम था।
शतकीय पारियों से चमके देवदत्त पडीक्कल और ध्रुव जुरेल
इस टेस्ट मैच को ड्रॉ कराने में भारतीय बल्लेबाजों का, खासकर देवदत्त पडीक्कल और ध्रुव जुरेल की शतकीय पारियों का बड़ा योगदान रहा। इन दोनों युवा खिलाड़ियों ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण रन जोड़े। देवदत्त पडीक्कल ने सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाते हुए 150 रन की पारी खेली, जबकि ध्रुव जुरेल ने भी 140 रन की बेहतरीन पारी खेली। इन दोनों की दमदार बल्लेबाजी के दम पर ही भारत ने पहली पारी में 500 से ज्यादा का स्कोर खड़ा किया और मेहमान टीम को जीत हासिल करने से रोक दिया।
मैच का पूरा लेखा-जोखा: टॉस से ड्रॉ तक
मैच में ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के कप्तान नाथन मैकस्वीनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और पहली पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 532 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करते हुए पारी घोषित कर दी। इसके जवाब में, भारत ‘ए’ ने भी शानदार पलटवार किया और 7 विकेट पर 531 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की। भारतीय टीम पहली पारी में कंगारू टीम से सिर्फ एक रन पीछे रही। भारत की तरफ से एन. जगदीशन ने 64 रन, साई किशोर ने 73 रन और अभिमन्यु ईश्वरन ने 44 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर 8 रन बनाकर आउट हुए, जबकि तनुष कोटियान और हर्ष दुबे ने 16-16 रन का योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के लिए सैम कोनस्टास ने 109 रन और जोस फिलिप ने नाबाद 123 रन की शतकीय पारियां खेलीं। भारत की तरफ से हर्ष दुबे ने पहली पारी में सर्वाधिक 3 विकेट लिए।
दूसरी पारी और ड्रॉ की घोषणा
पहली पारी के बाद, कंगारू टीम ने अपनी दूसरी पारी में बिना कोई विकेट खोए 56 रन बनाए। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज सैम कोनस्टास 27 रन और कैम्पबेल केलावे 24 रन बनाकर नाबाद रहे। इसके बाद दोनों टीमों की आपसी सहमति से मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया। यह परिणाम भारतीय टीम के लिए संतोषजनक था, जिन्होंने एक मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ बल्लेबाजी में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
निष्कर्ष: भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत
यह India A vs Australia A Test Draw भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है। युवा खिलाड़ियों ने न केवल ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के बड़े स्कोर का सामना किया, बल्कि श्रेयस अय्यर कप्तानी में टीम ने जुझारूपन दिखाते हुए मैच को ड्रॉ कराने में सफलता भी पाई। देवदत्त पडीक्कल और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उन्हें बड़े मंच के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।



