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स्वास्थ्य

सर्वाइकल कैंसर से बची महिलाओं में एनल कैंसर का खतरा: क्या आपको स्क्रीनिंग की ज़रूरत है?

Rajput
Last updated: 2025/09/12 at 4:24 PM
Rajput
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7 Min Read

क्या आप जानती हैं कि Cervical Cancer से बची महिलाओं में सालों बाद Anal Cancer होने का खतरा बढ़ सकता है? एक प्रमुख अध्ययन ने हाल ही में इस महत्वपूर्ण संबंध का खुलासा किया है, जिसके बाद हजारों महिलाओं को इस दूसरे कैंसर की Screening का प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह खबर Women’s Health के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, खासकर उन महिलाओं के लिए जिन्होंने पहले ही कैंसर से जंग जीती है।

एनल कैंसर: एक बढ़ता हुआ खतरा जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकतानया शोध: सर्वाइकल कैंसर से बची महिलाओं को ज़्यादा खतरावर्तमान दिशानिर्देश और क्यों व्यापक स्क्रीनिंग की आवश्यकता हैएचपीवी कनेक्शन: दोनों कैंसर का एक सामान्य कारणलक्षण और प्रारंभिक पहचान: जीवित रहने की कुंजीसर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थितिभविष्य के कदम और सिफारिशें

एनल कैंसर: एक बढ़ता हुआ खतरा जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता

एनल कैंसर, जो अब तक दुर्लभ माना जाता था, अब बड़ी उम्र की महिलाओं में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले कैंसर में से एक बन गया है। 65 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में इसकी वृद्धि दर लगभग चार प्रतिशत प्रति वर्ष है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 20 वर्षों में मामलों की संख्या नाटकीय रूप से बढ़ सकती है।

प्रसिद्ध अमेरिकी अभिनेत्री फ़राह फॉसेट (Farrah Fawcett), जो 1970 के दशक की ‘चार्लीज़ एंजेल्स’ (Charlie’s Angels) की आइकन थीं, 2006 में इसी बीमारी से पीड़ित पाई गई थीं। दुर्भाग्यवश, कैंसर फैलने के बाद, 2009 में 62 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनकी कहानी ने इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे पता चला कि सेलिब्रिटी भी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

नया शोध: सर्वाइकल कैंसर से बची महिलाओं को ज़्यादा खतरा

कैरोलिना मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. हलुक डेमागसोग्लू (Dr. Haluk Demirtasoglu) के नेतृत्व में हुए एक शोध ने गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (Cervical Cancer) से उबर चुकी महिलाओं को भी Anal Cancer के लिए उच्च जोखिम समूह में शामिल करने की सिफारिश की है। इस अध्ययन में 1975 से 2021 तक 85,500 से अधिक सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित महिलाओं पर नज़र रखी गई। जिन लोगों को गुदा कैंसर का पता चला था, या गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का निदान करने के दो महीने के भीतर इसे विकसित किया था, उन्हें शोध से हटा दिया गया था।

निष्कर्षों से पता चला कि उपचार के 10 से 15 साल बाद भी Anal Cancer विकसित होने का मजबूत जोखिम बना रहता है। 65 से 74 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में लगभग 60 प्रतिशत मामले गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (Cervical Cancer) के निदान के 15 साल बाद सामने आए। यह दर्शाता है कि मौजूदा Screening दिशानिर्देशों में संशोधन की आवश्यकता है। अध्ययन में पाया गया कि 100,000 महिलाओं में 17.6 से अधिक मामले सामने आए, जो Screening कार्यक्रमों को सही ठहराने के लिए पर्याप्त है।

वर्तमान दिशानिर्देश और क्यों व्यापक स्क्रीनिंग की आवश्यकता है

वर्तमान में, केवल कुछ उच्च-जोखिम वाले समूहों जैसे HIV संक्रमित लोग और वल्वर कैंसर (Vulvar Cancer) के इतिहास वाली महिलाओं के लिए ही Anal Cancer Screening की सलाह दी जाती है। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि Cervical Cancer से बची महिलाओं का एक महत्वपूर्ण समूह अनदेखा किया जा रहा है, क्योंकि बीमारी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। यह शोध गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (Cervical Cancer) के इतिहास वाली महिलाओं के लिए उम्र और समय के आधार पर Anal Cancer Screening की सिफारिशों की आवश्यकता का समर्थन करता है।

एचपीवी कनेक्शन: दोनों कैंसर का एक सामान्य कारण

मानव पैपिलोमावायरस (HPV) कम से कम 90% Anal Cancer और 99% Cervical Cancer का मुख्य कारण माना जाता है। यह यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है और इसके 100 से अधिक प्रकार होते हैं, जिनमें से लगभग 30 प्रकार जननांग क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। अधिकांश HPV संक्रमण बिना उपचार के अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह ऊतक को असामान्य रूप से विकसित करने का कारण बन सकता है, जो वर्षों बाद कैंसर में बदल सकता है। यह कैंसर के टीके (HPV Vaccine) की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है, जिसे स्वास्थ्य निर्देशक 25 वर्ष से कम उम्र के लोगों से बिना टीका लगवाए स्कूल न छोड़ने का आग्रह कर रहे हैं।

लक्षण और प्रारंभिक पहचान: जीवित रहने की कुंजी

Anal Cancer के सामान्य लक्षणों में गुदा से रक्तस्राव, क्षेत्र में दर्द या गांठ, आंतों की आदतों में बदलाव और बलगम का स्राव शामिल हैं। ये लक्षण कभी-कभी बवासीर या गुदा विदर जैसी कम गंभीर समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं, लेकिन किसी भी लगातार या असामान्य लक्षण को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

अर्ली डिटेक्शन (Early Detection) जीवन रक्षा की कुंजी है। यदि जल्दी पता चल जाए, तो Anal Cancer के निदान के बाद कम से कम पांच साल तक जीवित रहने की संभावना लगभग 95% होती है। हालांकि, यदि बीमारी देर से पता चलती है और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाती है, तो यह संभावना घटकर केवल 15% रह जाती है। प्रसिद्ध अभिनेत्री मार्सिया क्रॉस (Marcia Cross), जिन्होंने 2017 में अपने निदान का खुलासा किया था, भी इसी बीमारी से जूझ चुकी हैं, जिसे उन्होंने HPV स्ट्रेन से जोड़ा था।

सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति

यूके में, 25 से 49 वर्ष की महिलाओं को हर तीन साल में सर्वाइकल Screening (जिसे आमतौर पर स्मीयर टेस्ट (Smear Test) कहा जाता है) के लिए आमंत्रित किया जाता है। हालांकि, इसमें भागीदारी अभी भी कम है, केवल लगभग 70% पात्र महिलाएं ही इस टेस्ट में भाग लेती हैं। हर साल लगभग 1,600 लोगों को यूके में Anal Cancer का पता चलता है, जिनमें से ज्यादातर महिलाएं होती हैं।

भविष्य के कदम और सिफारिशें

यह शोध गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (Cervical Cancer) के इतिहास वाली महिलाओं के लिए उम्र और समय के आधार पर Anal Cancer Screening की सिफारिशों की आवश्यकता का समर्थन करता है। विशेषज्ञ अब Screening के जोखिमों और लाभों पर विचार करने और इसे शुरू करने के लिए सबसे अच्छी उम्र निर्धारित करने के लिए आगे के शोध का आह्वान कर रहे हैं। Women’s Health के लिए जागरूकता और समय पर Screening ही इन जानलेवा बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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